122610. كَتَعَ 1 122611. كِتْعان1 122612. كَتْعَم1 122613. كتف19 122614. كَتِفٌ1 122615. كَتِف أيمن1122616. كَتَفَ 1 122617. كَتْفان1 122618. كتكت4 122619. كُتْكُت1 122620. كتل17 122621. كَتَلَ1 122622. كُتْل1 122623. كَتَلَ 1 122624. كُتْلَةُ1 122625. كتلة1 122626. كتلك1 122627. كتله2 122628. كُتْلوا1 122629. كتلوج2 122630. كُتُمُ1 122631. كتم19 122632. كَتَمَ1 122633. كَتْم1 122634. كَتَمَ 1 122635. كُتْمَانُ1 122636. كتمان1 122637. كُتْمَةُ1 122638. كَتَمَهُ1 122639. كُتْمَى1 122640. كَتَنَ1 122641. كتن15 122642. كَتَن1 122643. كَتِن1 122644. كَتَنَ 1 122645. كَتَنِيّ1 122646. كته3 122647. كَتَه1 122648. كتو4 122649. كَتَوَ 2 122650. كتوال1 122651. كَتْوَة1 122652. كَتُوري1 122653. كَتُوع1 122654. كَتُّوعة1 122655. كَتُوعة1 122656. كتول1 122657. كَتُولا1 122658. كتى1 122659. كتي1 122660. كتيابي1 122661. كَتيبٌ1 122662. كَتِيب الدين1 122663. كَتيبَةُ1 122664. كُتَيْبَة1 122665. كَتِيبَة1 122666. كُتَيْت1 122667. كتيت1 122668. كَتِيتي1 122669. كُتَيْتيّ1 122670. كُتَيْفَةُ1 122671. كُتَيْليّ1 122672. كتيني1 122673. كَثّ1 122674. كث5 122675. كَثَّ 1 122676. كثء1 122677. كثأ8 122678. كَثَأَ1 122679. كثأة1 122680. كثا2 122681. كَثَا 1 122682. كُثَابٌ1 122683. كَثَّاب1 122684. كِثَاب1 122685. كُثّابَةُ1 122686. كَثَّاري1 122687. كُثَاريّ1 122688. كَثَّانِي1 122689. كَثَبٌ1 122690. كثب22 122691. كَثَبَ 1 122692. كُثْبَةُ1 122693. كَثَّة1 122694. كَثَثَ1 122695. كثث11 122696. كثَجَ1 122697. كثج3 122698. كثح5 122699. كثحم2 122700. كُثْحُمَةٌ2 122701. كثدُمُّلٌ1 122702. كَثَرَ1 122703. كَثُرَ1 122704. كثر21 122705. كَثُر الطلَّبُ على1 122706. كَثَرَ 1 122707. كَثَرَات الله1 122708. كَثْران1 122709. كثره1 Prev. 100
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كَتِف أيمن

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كَتِف أيمن
الجذر: ك ت ف

مثال: أَحَسَّ بألِم في الكتف الأيمن
الرأي: مرفوضة عند الأكثرين
السبب: لمعاملة كلمة «كَتِف» معاملة المذكَّر، وهي مؤنَّثَة.

الصواب والرتبة: -أحسَّ بألم في الكتف اليُمْنى [فصيحة]-أحسَّ بألم في الكتف الأيمن [صحيحة]
التعليق: ذكرت المعاجم القديمة والحديثة القديمة والحديثة كاللسان والتاج والوسيط أن كلمة «كَتِف» مؤنثة، وعدَّها مجمع اللغة المصري من أشهر ما نقل من الأسماء واجبة التأنيث. فالجملة الأولى فصيحة لاشَكَّ في ذلك. ويمكن تصحيح الاستعمال المرفوض، الذي عوملت فيه الكلمة معاملة المذكر اعتمادًا على أنَّ الكلمة من المؤنث المجازي الخالي من علامة التأنيث، وهو نوع من المؤنث ذهب كثير من القدماء إلى جواز تذكيره، مثل المبرِّد وابن السكيت والأزهري، وقد حكي عن المبرِّد أنه كان يقول: «ما لم يكن فيه علامة تأنيث وكان غير حقيقي التأنيث فلك تذكيره»، وفي خاتمة المصباح: «والعرب تجترئ على تذكير المؤنث إذا لم يكن فيه علامة تأنيث»، فضلاً عن نَصِّ معجم المؤنثات السماعية أنها مؤنثة وقد تُذَكَّر.