95624. سُوَدان1 95625. سَوْدَان1 95626. سُوَدَانَة1 95627. سَوْدَانِيّ1 95628. سُودَانِيّ1 95629. سَوْداوات195630. سُوَدة1 95631. سَوْدَة1 95632. سُوُدَد1 95633. سودري1 95634. سودق2 95635. سودل1 95636. سودن2 95637. سَودِي1 95638. سُوَذَانُ1 95639. سُوذَرْجان1 95640. سوذق2 95641. سوذن1 95642. سور18 95643. سَوَرَ1 95644. سَوُرَ 1 95645. سُورَا1 95646. سُوراء1 95647. سُورابُ1 95648. سورات1 95649. سوراج1 95650. سوراح1 95651. سَوْرَان1 95652. سَوْرَانِي1 95653. سَوْرَةُ2 95654. سُورَة1 95655. سَوْرَة1 95656. سُورَة النِّسَاء الْقصرى...1 95657. سُورَسْتَانُ1 95658. سورماهي1 95659. سُورمين1 95660. سَوْرَنْجان1 95661. سُورَنجين1 95662. سوره1 95663. سُورِي1 95664. سَوْرِي1 95665. سوريا1 95666. سُورِيانُ1 95667. سُورْيَانِي1 95668. سُورِيَّة1 95669. سُورِيَةُ1 95670. سوريل1 95671. سُورِين1 95672. سوزا1 95673. سوزات1 95674. سوزان1 95675. سُوزَان1 95676. سوزانة1 95677. سوزاي1 95678. سوزة1 95679. سوزت1 95680. سوزوكي1 95681. سُوزِي1 95682. سوزيان1 95683. سُوزِيت1 95684. سوس16 95685. سَوَّس1 95686. سَوَسَ1 95687. سُوس1 95688. سَوُسَ 1 95689. سَوَسَا1 95690. سُوسَا1 95691. سوسا1 95692. سُوسَان1 95693. سَوْسَان1 95694. سُوسَانَة1 95695. سَوْسَانَة1 95696. سُوسَةُ1 95697. سُوَسة1 95698. سوسح1 95699. سَوْسَقانُ1 95700. سوسك1 95701. سوسن3 95702. سَوْسَن1 95703. سَوْسَنة1 95704. سُوسَنْجِرْد1 95705. سُوسُو1 95706. سُوسِيّ1 95707. سوسيا1 95708. سُوسِيَةُ1 95709. سَوط1 95710. سَوَطَ1 95711. سوط17 95712. سَوْط1 95713. سَوَطَ 1 95714. سوطر1 95715. سُوعٌ1 95716. سَوَعَ1 95717. سوع15 95718. سَوَعَ 1 95719. سَوَغَ1 95720. سوغ19 95721. سَوُغَ 1 95722. سَوف2 95723. سَوَّفَ1 Prev. 100
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الجذر: س و د

مثال: رايات سَوْداوات
الرأي: مرفوضة
السبب: لجمع الصفة التي على وزن «فَعْلاء» بالألف والتاء، والقياس جمعها جمع تكسير.
المعنى: لونها كلون الفحم

الصواب والرتبة: -رايات سُود [فصيحة]-رايات سَوْداوات [فصيحة]
التعليق: يطرد جمع المؤنث السالم في كل ما خُتِم بألف التأنيث الممدودة، ما عدا «فَعْلاء» مؤنث «أَفْعل». ولكن مجمع اللغة المصري اتخذ قرارًا يجيز جمع الصفات من باب «أَفْعل فَعْلاء» بالواو والنون في المذكر، وبالألف والتاء في المؤنث، استنادًا إلى رأي الكوفيين وابن مالك، وقد أورد الأساسي الجمع المرفوض؛ ومن ثَمَّ يكون الاستعمال المرفوض فصيحًا.