92112. سِتُّ الحبايِب1 92113. سِتُّ الدين1 92114. ستُّ العزّ1 92115. سِتُّ النَّاس1 92116. سِتُّ النِّسا1 92117. ست غُرَف192118. سِتّ قَمَرة1 92119. سِتّ مِئة1 92120. سَتَّ 1 92121. ستأ1 92122. ستا1 92123. سِتَّاتْ1 92124. ستات1 92125. ستار1 92126. سِتَار1 92127. سَتّار1 92128. سَتَّارَة1 92129. سِتَارة2 92130. ستاف1 92131. ستالة1 92132. سِتَّالَة1 92133. ستانلي1 92134. ستب2 92135. سِتبَك1 92136. سِتّةً ستّة1 92137. سِتّة سنوات1 92138. سِتّة عشرة طالبة1 92139. سِتّة مليون1 92140. سِتّة من الأديبات1 92141. سِتّة من الموظفين1 92142. سَتَتَ1 92143. ستت9 92144. سِتَتُو1 92145. ستتو1 92146. ستج4 92147. ستد1 92148. ستذ2 92149. ستر17 92150. سَتَرَ1 92151. سَتْر1 92152. سَتَرَ 1 92153. ستراتوسفير1 92154. سترسن1 92155. ستره3 92156. سِتْره1 92157. ستريك1 92158. ستريوسكوب1 92159. ستع4 92160. ستغفن1 92161. ستف1 92162. سِتِفْنِي1 92163. ستق13 92164. ستك1 92165. ستكون الرياح أغلبَها...1 92166. سَتَلَ2 92167. ستل11 92168. سَتَل1 92169. سَتْل1 92170. ستله1 92171. ستلي1 92172. سِتْليّ1 92173. سَتَلِيّ1 92174. ستم1 92175. ستمر1 92176. ستن7 92177. سَتَنَ 1 92178. ستناء1 92179. ستني1 92180. سَتَهَ1 92181. سته14 92182. ستهم4 92183. سِتُّهُم1 92184. ستهه1 92185. ستو2 92186. ستواك1 92187. ستوديو1 92188. ستوقة1 92189. ستون1 92190. ستى3 92191. ستي3 92192. سِتِّي1 92193. سَتِّيّ1 92194. ستية1 92195. سُتَيت1 92196. سُتَيْتَان1 92197. سُتَيْتُو1 92198. سَتِيرة1 92199. ستيفاني1 92200. سُتِيفَغْنه1 92201. سِتِّيكٌ1 92202. سُتِيكَن1 92203. ستيلا1 92204. سِتّينُ1 92205. سِتِّين طبيبٍ1 92206. سِتِّينات1 92207. سِتِّينيّ1 92208. ستيه1 92209. ستيوه1 92210. سجّ1 92211. سج2 Prev. 100
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ست غُرَف
الجذر: غ ر ف

مثال: في هذا المسكن ست غُرَف
الرأي: مرفوضة
السبب: لاستعمال جمع الكثرة تمييزًا لأدنى العدد.

الصواب والرتبة: -في هذا المسكن ست غُرَف [فصيحة]
التعليق: أوجب كثير من النحويين أن يكون مميز الثلاثة إلى العشرة جمعًا مُكسَّرًا من أبنية القلَّة، ولايكون من أبنية الكثرة إلاَّ فيما أُهمل بناء القلة فيه، كـ «رِجال»، ولكنَّ مجمع اللغة المصري لم يشترط ذلك، حيث أقر التعاقب (التبادل) بين جمعي القلة والكثرة، معتمدًا في ذلك على عدة نصوص واردة عن بعض كبار اللغويين القدماء كسيبويه والزمخشري وابن يعيش وابن مالك وصاحب المصباح، ومنها قول سيبويه: «اعلم أن لأدنى العدد أبنية هي مختصة به وهي له في الأصل وربما شرَكه فيها الأكثر، كما أنَّ الأدنى ربما شارك الأكثر»، وقول الزمخشري: «قد يستعار جمع الكثرة لموضع جمع القلة» .. إلى غير ذلك من النصوص. والملاحظ أنَّ النحاة لم يتفقوا على مفهوم جمع الكثرة، فقد رأى بعضهم أنه يدلّ على ما فوق العشرة، ورأى بعضٌ آخر أنه يكون من الثلاثة إلى ما لانهاية، ومن ثم يكون الخلاف بينه وبين جمع القلة من جهة النهاية فقط؛ ولذا يتضح فصاحة الاستعمال المرفوض، وهو ما أقره الاستعمال القرآني في: {ثَلاثَةَ قُرُوءٍ} البقرة/228، مع وجود الجمعين «أقراء»، و «أقرؤ» في اللغة.