91606. سَافِيَة1 91607. سافيه1 91608. ساق3 91609. سَاقٌ1 91610. سَاق2 91611. ساق طويل191612. ساقان1 91613. ساقبه1 91614. ساقسلي1 91615. سَاقِط1 91616. سَاقِطَةُ1 91617. سَاقَه لـ1 91618. سَاقُو1 91619. ساقى1 91620. سَاقِي1 91621. سَاقِيَة1 91622. سَاقِيَةُ سُلَيمانَ...1 91623. ساكَ1 91624. ساك2 91625. سَاكّ1 91626. ساكا1 91627. سَاكاهُ1 91628. سَاكَبْدِياز1 91629. سَاكِت1 91630. ساكس1 91631. ساكن1 91632. سَاكِن1 91633. سَاكِنَة1 91634. ساكنه1 91635. ساكي1 91636. سال1 91637. سَالَ2 91638. سالَ1 91639. سالار1 91640. سالاري1 91641. سالام1 91642. سالامِه1 91643. سالت1 91644. سَالِت1 91645. سالَّت1 91646. سَالِحة1 91647. سَالِحِين1 91648. سالد2 91649. سَالِد1 91650. سَالِس1 91651. سَالِف1 91652. سالف1 91653. سالك1 91654. سَالِكَة1 91655. سَالِكي1 91656. سالم1 91657. سَالِم1 91658. سَالِمُ1 91659. سَالْمَان1 91660. سالمان1 91661. سَالِمَة1 91662. سَالمَلِن1 91663. سالمه1 91664. سَالِمِيّ1 91665. سَالِمي1 91666. سَالِمِين1 91667. سالوس2 91668. سالُوسُ1 91669. سَالوس1 91670. سَالوسة1 91671. سالوسة1 91672. سالوما1 91673. سالوي1 91674. سالي1 91675. سَالّي1 91676. سَالِي1 91677. ساليان1 91678. ساليسيد1 91679. سالين1 91680. سَالِينا1 91681. سَامّ1 91682. سام3 91683. سامُ1 91684. سامٌ1 91685. سَام2 91686. سامُ بَني سِنَانٍ1 91687. سامَّات1 91688. سَامَات1 91689. ساماعيل1 91690. سامان2 91691. سامَانُ1 91692. ساماه1 91693. سامبا1 91694. سامة1 91695. سَامَةُ1 91696. سامته1 91697. سامح1 91698. سامَحَ على1 91699. سامحه1 91700. سَامِحي1 91701. سَامِد1 91702. سَامِدُونَ1 91703. سامدون1 91704. سامر1 91705. سَامِر1 Prev. 100
«
Previous

ساق طويل

»
Next
ساق طويل
الجذر: س و ق

مثال: لَه ساق طويل
الرأي: مرفوضة عند الأكثرين
السبب: لمعاملة كلمة «ساق» معاملة المذكَّر، وهي مؤنَّثَة.

الصواب والرتبة: -له ساق طويلة [فصيحة]-له ساق طويل [صحيحة]
التعليق: ذكرت المعاجم القديمة والحديثة كالمصباح واللسان والتاج والوسيط أن كلمة «ساق» مؤنثة، وعليه جاء قوله تعالى: {وَالْتَفَّتِ السَّاقُ بِالسَّاقِ} القيامة/29، كما ذكر مجمع اللغة المصري أن هذه الكلمة من أشهر ما نقل من الأسماء واجبة التأنيث. فالجملة الأولى فصيحة لاشَكَّ في ذلك. ويمكن تصحيح الاستعمال المرفوض، الذي عوملت فيه الكلمة معاملة المذكر اعتمادًا على أنَّ الكلمة من المؤنث المجازي الخالي من علامة التأنيث، وهو نوع من المؤنث ذهب كثير من القدماء إلى جواز تذكيره، مثل المبرِّد وابن السكيت والأزهري، وقد حكي عن المبرِّد أنه كان يقول: «ما لم يكن فيه علامة تأنيث وكان غير حقيقي التأنيث فلك تذكيره»، وفي خاتمة المصباح: «والعرب تجترئ على تذكير المؤنث إذا لم يكن فيه علامة تأنيث».